महिला की पिटाई मामले में उपनिरीक्षक और कांस्टेबल सस्पेंड 

गाजीपुर। पड़ोसी के पुराने प्रेम प्रसंग के मामले में पड़ोसी विधवा महिला द्वारा पुलिस पर बेवजह मारपीट करने के आरोप को पुलिस कप्तान डॉ. ईरज रज़ा ने  गम्भीरता से लिया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने वाले करीमुद्दीनपुर थाने के उपनिरीक्षक शाहिद सिद्दीकी एवं आरक्षी अंकित यादव को सस्पेंड कर दिया।


     पीड़िता के परिजनों के अनुसार, एक तरफ जहां पुलिस मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने का अभियान चला रही है वहीं दूसरी तरफ इलाकाई पुलिस बेवजह विधवा महिला का उत्पीड़न उस मामले में किया जिससे उसका कोई मतलब नहीं था।

  पीड़िता के परिजनों ने बताया कि  करीमुद्दीनपुर थाना  क्षेत्र के गण्डपा गांव के

मार्कण्डे बिन्द का पुत्र कल्लू बिन्द गांव के भुवर गोंड़ की पुत्री खुशबू गोंड़ के साथ करीब छह माह पूर्व फरार हो गया था। पुलिस उस मामले की जांच में लगी थी। उसी क्रम में गत दस अक्टूबर को पुलिस गांव पहुंची। जब वहां कल्लू और उसके परिजन नहीं मिले तो पुलिस उस परिवार से अलग रहने वाली विधवा गुनिया देवी पत्नी स्व. ओमप्रकाश बिन्द को अपने साथ थाने ले गई। वहां गुनिया देवी को मारा पीटा और जब उनकी तबीयत बिगड़ने पलगी तो उन्हें रात में छोड़ दिया। परिवार के लोगों ने उन्हें गाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। गुनिया देवी का कहना था कि उस मामले से उसका कोई संबंध नहीं था और वह वर्षों से उस परिवार से अलग रहती थी। इसके बावजूद पुलिस उन्हें थाने ले जाकर मारा पीटा जिससे वह बीमार हो गयी थीं।

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