भागवत कथा श्रवण से होता है सकारात्मकता का वास
गाज़ीपुर। सादात क्षेत्र पंचायत के दौलतनगर में संचालित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन यज्ञ व पूर्णाहुति के साथ हुआ। भागवत कथा के आयोजक इस्कॉन ग्रुप से जुड़े भक्त पन्नालाल गुप्ता के साथ ही अन्य श्रद्धालुओं ने कथा के समापन पर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य हवन यज्ञ में आहुति देकर विश्व शांति, सद्भाव और मानव समाज की खुशहाली की कामना की।
समापन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए इस्कॉन ग्रुप के वृंदावन से आए कथावाचक रंगरसी प्रभु ने कहा कि श्रीमद् भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ का धुआं वातावरण एवं वायु मंडल को शुद्ध करने के साथ लोगों के आत्मबल को बढ़ाता है। यज्ञ से वातावरण में शुद्धता के साथ-साथ अपने भीतर के अवगुण भी दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि भक्त की साधना से भगवान प्रसन्न होते हैं। कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा। कलियुग में जीवन के सभी पापों से मुक्ति का एक मात्र आधार भगवान की भक्ति ही है। भगवान का नाम स्मरण करने से ही भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। भागवत कथा के समापन पर भक्तों ने फूल की होली व भण्डारे के साथ हुआ। इस दौरान धर्मेन्द्र लाल, जयप्रकाश गुप्ता, बकाटू गुप्ता, अशोक जायसवाल, अशोक चौहान सहित ग्रामवासी मौजूद रहे। आयोजक पन्नालाल गुप्ता ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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