नकदी न देने पर टोल प्लाजा कर्मियों ने पत्रकारों से किया दुर्व्यवहार
बदसलूकी के बाद मारपीट की धमकी पर टोल प्लाजा कर्मियों पर मुकदमा दर्ज
गाजीपुर। वाराणसी गोरखपुर राष्ट्रीय मार्ग पर बिरनो थाना अंतर्गत स्थित टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मियों द्वारा अवैध वसूली को लेकर पत्रकारों से दुर्व्यवहार करने पर बिरनो थाने पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
बताया गया कि यूएनआई के पत्रकार श्रीराम जायसवाल अपने एक पत्रकार मित्र वेद नारायण मिश्रा व अन्य साथियों के साथ गाड़ी से वाराणसी जा रहे थे। बिरनो टोल प्लाजा पर गाड़ी संख्या यूपी 54 एयू 5455 टोल टैक्स हेतु रुकी तो फास्ट टैग होने के बावजूद कर्मियों द्वारा नगदी पैसा मांगा जाने लगा। रहा था। टैक्स फास्टैग से लेने को कहने पर टोल प्लाजा कर्मी नकदी लेने हेतु उलझने लगे और देखते ही देखते लगभग 8 से 10 संख्या में गुंडे टाइप के युवक आ गए। वे सभी पत्रकारों से गाली गलौज और दुर्व्यवहार करते हुए गाड़ी से खींचकर मारने की बात करने लगे। इस दरम्यान लगभग 20 मिनट तक टोल प्लाजा पर गाड़ियां रुकी रही। अंततः फास्ट टैग से पैसा काटने के बाद शुल्क काटा गया। इसके बाद भी टोल प्लाजा कर्मियों के तथाकथित सरदार झब्बू बाबा द्वारा कहा गया कि वापस आओ तो घेरकर पीटेंगे।
इस घटना से क्षुब्ध पत्रकारों द्वारा तत्काल इसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1033 पर दिया गया। इसके साथ ही ई मेल व रजिस्ट्री कर घटना की शिकायत पीएमओ, गृहमंत्री व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी लिखित रूप से की गई है। बिरनो पुलिस द्वारा 29 जनवरी 2025 को संबंधित लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
कहा गया कि टोल प्लाजा कर्मियों पास न कोई परिचय पत्र नहीं था और वे आस पास के,अपराधी प्रवृत्ति के युवकों के साथ मिलकर अवैध धन उगाही करते हैं और मना करने पर दुर्व्यवहार करते हुए मार-पीट की धमकी देते हैं।
पीड़ित श्रीराम जायसवाल ने कहा कि गाड़ी पर फास्टैग स्टीकर होने के बावजूद नगद पैसा वसूलने की कवायद एक बड़े घोटाले का विषय है। गत दिनों पूर्वांचल के 26 टोल प्लाजा चिन्हित किए गए हैं जहां नकली सॉफ्टवेयर लगाकर नगद भुगतान का पैसा जेब में रखा जाता था। जिसका करोड़ों का घोटाला अभी उजागर हुआ है।
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