उच्च शिक्षा में भेदभाव के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन

गाजीपुर। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने
उच्च शिक्षा पर खतरे या अन्याय पूर्ण भेदभाव के विरुद्ध आवाज बुलंद करते हुए, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया।
        दिल्ली विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन कॉलेज में प्रोफेसर रहे, डॉक्टर लक्ष्मण यादव के आह्वान पर यह यादव महासभा के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा व विश्वविद्यालय में जाति, धर्म और विचारधारा के आधार पर अध्यापकों की नियुक्ति एवं अपारदर्शी शिक्षक भर्ती के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षा को ठेके पर देने, पीएचडी एडमिशन में धांधली व पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय से निकाले गए प्रतिभावना अनुभवी शिक्षकों के साथ न्याय करने की मांग प्रमुख रही।
        यादव महासभा के जिला अध्यक्ष भरत यादव एवं संरक्षक हरिद्वार यादव ने कहा कि देश के विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा में जिस तरह जाति, धर्म और विचारधारा के आधार पर प्रोफेसर व अध्यापकों की नियुक्ति हो रही है। देश की शिक्षा के लिए अत्यंत घातक है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉक्टर लक्ष्मण यादव को 14 साल तक पढ़ाने के बाद इस लिए हटा दिया गया कि यूट्यूब पर सामाजिक न्याय की पाठशाला चलाए थे, और देश के गरीब, दलित, पिछड़े, पीड़ित या शोषितों को न्याय व अवसर दिए जाने की बात कर रहे थे। इसी तरह दौलत राम कॉलेज की प्रोफेसर ऋतु सिंह भी भेदभाव का शिकार हुई, और उन्हें भी हटा दिया गया। उपेन्द्र यादव ने कहा कि महासभा आज महामहिम से मांग करता हैं कि डॉक्टर लक्ष्मण यादव व रितु सिंह एवम् अन्य लोगों के साथ सुचिता पूर्ण वैधानिक कार्यवाही की जाये।
      अन्य वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा में दलित व पिछड़ों के साथ हर स्तर पर भेदभाव होता है। उच्च शिक्षा में चल रहे भेदभाव को यदि तत्काल संज्ञान में नहीं लिया गया तो अब देश का दलित व पिछड़ा एकलव्य नहीं बनेगा बल्कि वह अपने हक, सम्मान और शिक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगा।
       इस मौके पर जिला अध्यक्ष रामविजय सिंह यादव, प्रवीण यादव, उपेन्द्र यादव, मदन यादव, मंजय यादव, अनीता यादव, देवेंद्र यादव, शशिकांत यादव, अंकित यादव, कमलेश यादव, गुड्डू सिंह यादव, हरिद्वार यादव, अविनाश कुमार यादव, रीता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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