माफिया मुख्तार अंसारी की जेल बदलने की मांग पर शीर्ष अदालत की टिप्पणी
गाजीपुर। बांदा कारागार में बंद गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के मूलनिवासी बाहुबली माफिया सरगना व पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के पुत्र ने उत्तर प्रदेश की जेल में पिता की जान को खतरा बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें दुसरे राज्य की जेल में रखने की गुहार लगाई है।
बताते चलें कि माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने पिता को बांदा जेल से किसी दूसरे राज्य की जेल में ट्रांसफर करने की मांग की । उमर ने आरोप लगाया कि बांदा जेल में उसके पिता मुख्तार अंसारी की जान को खतरा है। मुख्तार को जेल में मारने की साजिश रची जा रही है। इसलिए न्यायालय उसके पिता को उत्तर प्रदेश से बाहर किसी गैर भाजपा शासित राज्य में ट्रांसफर करने का आदेश दे। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत में उसके वकील ने कहा कि यूपी की जेल में उसकी जान को खतरा है और उसे कभी भी मरवाया जा सकता है।
शीर्ष अदालत ने माफिया मुख्तार अंसारी की जेल बदलने की याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया। अदालत ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक बार प्रधानमंत्री को भी उनके खुद के सुरक्षा गार्ड गोली मार चुके हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने उनके वकील को अपनी याचिका में संशोधन करते हुए याचिका दाखिल करने को कहा।
उल्लेखनीय है कि माफिया मुख्तार अंसारी वर्तमान में बांदा जेल में बंद है। कुछ माह पूर्व ही एमपी-एमएलए न्यायालय ने मुख्तार को गैंगस्टर केस में दस साल की कैद और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी थी। इसी मामले के दूसरे आरोपी सोनू यादव को पांच साल की कैद और दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा था। कपिलदेव सिंह हत्याकांड से जुड़े मामले में एमपी-एमएलए न्यायालय ने 26 अक्टूबर को माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिया था। मामला वर्ष 2010 का है। उस समय करंडा थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था।
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