विद्या परिषद की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर विश्वविद्यालय पर सवाल

गाजीपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्राविधानों के अंतर्गत स्नातक स्तर पर कौशल विकास तथा सह-शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के संबंध में शुल्क तथा सिलेबस के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्पष्ट दिशानिर्देश निर्गत किये जाने चाहिए।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की विद्यापरिषद की शुक्रवार को सम्पन्न ऑनलाइन बैठक में उक्त प्रतिवेदन स्वामी सहजानन्द पीजी कालेज, गजीपुर के प्राचार्य प्रो. वी के राय ने प्रस्तुत किया।
कुलपति को संबोधित करते हुए प्रो. राय ने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा अन्य राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा निर्गत निर्देशों की तरह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्तर से भी वोकेशनल तथा कोकरिकूलर अनिवार्य पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों से शुल्क लिए जाने, उनकी मिड-टर्म तथा प्रायोगिक परीक्षा कराए जाने के विषय में स्पष्ट रूपरेखा नहीं बनाई गई है।
डॉ बद्री नाथ सिंह, पूर्व महामंत्री, पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन को लेकर सक्रिय तथा तत्पर नहीं है। सूचनाओं के आदानप्रदान का क्रम बाधित हुआ है और लंबित मामलों का अंबार बढ़ता जा रहा है। कुलपति को विश्वविद्यालय के स्तरोन्नयन के लिए ठोस कार्यनीति के अनुरूप प्रयास को अंजाम करना चाहिए।
विद्या परिषद की बैठक में कुल-सचिव सहित डॉ बद्री नाथ सिंह, प्रो. अवधेश नारायन राय, डॉ विलोक सिंह, प्रो. अजय राय, डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. अजय शुक्ला आदि सम्बद्ध महाविद्यालययों के लगभग 30 प्राध्यापक सम्मिलित रहे।


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