साहित्यिक क्षति – नहीं रहे वरिष्ठ साहित्यकार डा.पी.एन.सिंह

गाजीपुर। ‘समकालीन सोच’ के संस्थापक सम्पादक, चिंतक,आलोचक,रचनाधर्मी व्यक्तित्व
के धनी, पी जी कालेज गाजीपुर के अंग्रेजी के
सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. पी. एन सिंह का रविवार की शाम निधन हो गया। काफी समय पूर्व पक्षाघात के कारण अस्वस्थ होने के बाद भी उनकी बौद्धिक सक्रियता बनी रही और वे साहित्य साधना में लीन रहे। उनमें अपूर्व संगठन क्षमता थी और उनका घर गोष्ठियों का केन्द्र हुआ करता था। उनका बौद्धिक व्यक्तित्व गाजीपुर के रचनाकारों के आकर्षण का केन्द्र था। उनकी मौत से एक साहित्यिक स्तम्भ गिर गया।
वे जनपद गाजीपुर के मुहम्मदाबाद क्षेत्र के वासुदेवपुर के मूल निवासी थे जो शहर में ही अपने मकान में रहते थे।
विद्वान साहित्यकार डा. पीएन सिंह (परमानंद सिंह) आरम्भ में साम्यवादी वैचारिकी से प्रभावित थे जो कालांतर में गांधी तथा अम्बेडकर दर्शन के करीब होते चले गए। उनका मंचीय सम्बोधन तार्किकता और तारतम्यता का मिश्रण हुआ करता था। प्रायः वे बातचीत की शैली में अपने विचार व्यक्त करते थे और असहमति के बावजूद धैर्य पूर्वक सामने वाले को सुनते भी थे। उनकी मौलिक पुस्तकों में नायपाल का भारत, नामवरः सन्दर्भ और विमर्श, कुबेरनाथ रायः सांस्कृतिक – साहित्यिक दृष्टि, गाँधी , अम्बेडकर, लोहिया, हिन्दी दलित साहित्यः संवेदना और विमर्श तथा उच्च शिक्षा का संकटः समस्या और समाधान के बिन्दु उनकी प्रमुख आलोचना – कृतियाँ हैं।
उनके निधन पर साहित्यिक समाज से जुड़े लोग मर्माहत हैं। उनका कहना है कि हमने एक चिंतक, आलोचक, रचनाधर्मी व्यक्तित्व को खो दिया। साहित्यकार समाज ने परमपिता परमेश्वर से डा. सिंह की आत्मा की शांति तथा परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
इसी क्रम में साहित्य चेतना समाज की शोक सभा संस्था के स्वामी विवेकानन्द काॅलोनी स्थित कैम्प कार्यालय पर हुई।सभा में प्रख्यात् समालोचक,समकालीन सोच पत्रिका के सम्पादक वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ.पी.एन.सिंह के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया गया।संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने कहा कि संस्था की स्थापना के समय से ही संस्था को उनका सहयोग-स्नेह निरंतर मिलता रहा।वर्ष 2008 में संस्था ने उन्हें ‘गाजीपुर गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया था।
अन्य वक्ताओं ने उन्हें गाजीपुर की अपूरणीय साहित्यिक क्षति बताते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।सभा में डा.रविनन्दन वर्मा,अमरनाथ तिवारी अमर,संजीव गुप्त,प्रभाकर त्रिपाठी,हरिनारायण हरीश,डाॅ.अक्षय पाण्डेय,आशुतोष पाण्डेय,कामेश्वर द्विवेदी,आनन्द प्रकाश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।


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