रिश्वतखोरी में नपे दरोगा जी …..

अपराध निरोधक दस्ते ने 10 हजार रिश्वत लेते दरोगा को किया गिरफ्तार


दूसरों को गिरफ्तार कर रौब झाड़ने वाले दरोगा जी स्वयं अपने ही फैलाये जाल में फंस गये और रिश्वतखोरी के आरोप में स्वयं गिरफ्तार हो गये। जमीनी विवाद के मुकदमें से एक व्यक्ति का नाम निकालने के एवज में दस हजार रुपए की रिश्वतखोरी दरोगा जी को महंगी पड़ गयी। पीड़ित पक्ष ने दरोगा द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी और भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने घुसखोर दरोगा को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।
यह घटना जौनपुर जिले के मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के शिवपुर बाईपास पर जय मां विंध्यवासिनी टी स्टाल एवं मिष्ठान भंडार की दुकान पर मंगलवार को घटी।
बताया गया कि वादी महातिम पांडेय पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ पांडेय निवासी ग्राम कठवतिया थाना सुरेरी का अपने पड़ोसी अंबिका से जमीनी विवाद चल रहा था जिस में मुकदमा पंजीकृत था। उस मुकदमे में एक अभियुक्त का नाम निकालने के नाम पर सुरेरी थाने में तैनात उपनिरीक्षक हैदर अली ने दस हजार रिश्वत की मांग किया था।
भुक्तभोगी महातिम पांडेय ने दरोगा की मांग से दुखी होकर, एंटी करप्शन टीम वाराणसी को जानकारी दी। उनके सूचना पर कारर्वाई करते हुए मंगलवार की शाम एंटी करप्शन टीम मड़ियाहूं आ धमकी और वादी द्वारा स्थित शिवपुर बाईपास मिष्ठान की दुकान पर रुपए के लेन-देन की बात कही गई। कुछ समय बाद उपनिरीक्षक हैदर अली बावर्दी मौके पर पहुंचे जहां महातिम पांडेय ने एंटी करप्शन टीम द्वारा दिए गए केमिकल लगे दस हजार रूपए के नोट दरोगा को सौंपा। घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने तत्काल उपनिरीक्षक हैदर अली को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इसके बाद उपनिरीक्षक हैदर अली को गिरफ्तार कर टीम मडियाहू कोतवाली पहुंची और दरोगा का हाथ धुलाया तो पानी लाल हो गया। रिश्वतखोर दरोगा के विरुद्ध मडियाहू कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
इस कारर्वाई में मड़ियाहूं पुलिस व एंटी करप्शन टीम में निरीक्षक श्रीमती संध्या सिंह, उपेंद्र सिंह, अशोक कुमार सिंह यादव, शैलेंद्र कुमार राय, सुनील कुमार यादव, पुनीत कुमार सिंह व सुमित कुमार सहित संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय रही।

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