कोरोना!  साहित्यकार शकील गाजीपुरी का इंतकाल

गाजीपुर। जिले के वाजिदपुर के मूल निवासी वरिष्ठ साहित्यकार व प्रयागराज के कसारी मसारी निवासी बुजुर्ग शायर शकील गाजीपुरी का बुधवार की दोपहर करीब एक बजे इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर लगते ही सदमे से 36 वर्षीय शहजादे फैजी का भी दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह भी कोराना से संक्रमित था। वे कोरोना से संक्रमित थे तथा वे हृदय रोग से पीड़ित थे, जिसकी चिकित्सा सिविल लाइंस के हार्ट लाइन में चल रही थी। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री है।पिता और पुत्र की मौत की खबर मिलते ही लोगों में सनसनी फैल गई। उन्हें काला डांडा कब्रिस्तान में वुधवार की शाम पांच बजे बाद नमाज असर सुपुर्दे खाक किया गया।
बताया गया कि एक सितंबर 1948 को गाजीपुर जिले के वाजिदपुर में जन्में शकील गाजीपुरी माध्यमिक परिषद विभाग में कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी दो पुस्तकें ‘लम्हे-लम्हे ख्वाब के’ और ‘अभिलाषा’ प्रकाशित हुई हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी उनकी गजलें समय-समय पर प्रकाशित होती रही हैं। उन्हें ‘शान-ए-इलाहाबाद सम्मान’, ‘प्रयाग गौरव सम्मान’, ‘प्रयाग पुष्पम् सम्मान’ और ‘सरदार अली जाफरी एवार्ड’ प्रदान किए गए थे। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए गुफ्तगू के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद गाजी ने कहा कि शकील गाजीपुरी अपने रंग और ढंग के इकलौते शायर थे। समसामयिक विषयों पर की गई उनकी शायरी खास पहचान रखती थी। फरमूद इलाहाबादी, कमरुल हसन सिद्दीकी, मनमोहन सिंह तन्हा, प्रभाशंकर शर्मा, संजय सक्सेना, अनिल मानव, डॉ. नीलिमा मिश्रा, डॉ. सुरेश चंद्र द्विवेदी, अफसर जमाल, नरेश महरानी, नीना मोहन श्रीवास्तव, दया शंकर प्रसाद, इश्क सुल्तानपुरी, देवेंद्र प्रताप वर्मा, अर्चना जायसवाल, शैलेंद्र जय, श्रीराम तिवारी, शिवाजी यादव और सुजाता सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।


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