अन्तेष्ठी ! विकास दूबे ,एसटीएफ ने जारी किया उसका अपराधिक इतिहास

कानपुर (उत्तर प्रदेश), 11जुलाई 2020 ।उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे का कल कानपुर के भैंसा कुंड पर अंतिम संस्कार किया गया।सुरक्षा की दृष्टि से वहां कई थानों की फोर्स मौजूद रही। वहां मौजूद हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की पत्नी ऋचा अचानक मीडिया कर्मियों पर भड़क गई। इस दौरान ऋचा ने मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहा कि वक्त आने पर मैं सबका हिसाब करूंगी। ऋचा मीडिया के सामने नहीं आई , लेकिन दूर से मीडिया कर्मियों को कोसते हुए कैमरे में कैद हो गई। विकास दुबे का शव का शाम सवा सात बजे भैरव घाट विद्युत शवदाह गृह पहुंचा, जहां पर अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन सबसे खास बात थी कि अंतिम संस्कार के दौरान पत्नी, बेटे के आलाव सिर्फ एक निकट के रिश्तेदार मौजूद रहे।


मुठभेड़ स्थल बना सेल्फी प्वाइंट
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे की शुक्रवार को कथित मुठभेड़ में मौत के बाद भौती क्षेत्र का यह घटनास्थल लोगों के लिए सेल्फी प्वाइंट बन गया है। उल्लेखनीय है कि विकास दुबे कल शुक्रवार सुबह उज्जैन से कानपुर लाये जाते समय रास्ते में भौती क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ हुई कथित मुठभेड़ में मारा गया।एसटीएफ के मुताबिक, दुबे को ले जा रहा वाहन भौती क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुबे ने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। एसटीएफ ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन उसने एसटीएफ के जवानों पर एक जवान से छीनी गई पिस्टल से गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मुठभेड़ के बाद अब वह घटनास्थल लोगों के कौतूहल का विषय बन गया है। उधर से गुजरने वाला हर शख्स यह जानने के लिए उत्सुक है कि किस जगह पर मुठभेड़ हुई और यह अंदाजा लगाने की कोशिश में है कि दुबे को कैसे मारा गया होगा। घटना के बाद से घटनास्थल सेल्फी प्वाइंट बन गया है। गुजरने वाला हर व्यक्ति मौका-ए-वारदात की तस्वीर को अपने मोबाइल फोन में कैद करने की कोशिश में है।लोगों की भीड़ की वजह से भौती इलाके में उस जगह पर पहुंच कर यह जानने में लगी रही कि यहां कब क्या हुआ और कैसे हुआ। जिस जगह दुबे मारा गया, उसके दूसरी तरफ एक आटा मिल है। वहां काम करने वालों ने बताया “हमें गोली चलने की कोई आवाज नहीं सुनाई दी, क्योंकि हम फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे, जहां मशीनें चलने की वजह से पहले ही काफी शोर था और सुबह छह बजे से काफी तेज बारिश हो रही थी, इस वजह से उन्हें घटना के बारे में देर से पता चला। आटा मिल में काम करने वालों ने कहा कि चूंकि फैक्ट्री के अंदर मशीनें चलने से काफी शोर हो रहा था, इसलिए उन्हें कुछ और नहीं सुनाई दिया और बारिश होने के कारण वह कुछ देख भी नहीं सके।

ज्ञातव्य है कि दुबे गत दो-तीन जुलाई की रात कानपुर के बिकरु गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसे बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश स्थित उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ उसे वहां से कानपुर ला रही थी। रास्ते में वह कथित मुठभेड़ में मारा गया।स्पेशल टास्क फोर्स ने उसका अपराधिक इतिहास जारी किया है….

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