ज्ञान मंथन!कुछ सीप – कुछ मोती

* ब्रह्मांड – एक ।


* काल – दो — दिन और रात ।

* त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु, महेश ।
* गुण – तीन सत , रज व तम ।
* त्रिदोष वात, पित्त कफ

* त्रिलोक आकाश लोक, मृत्यु लोक व पाताल लोक

* जीव – तीन – जलचर, नभचर व थलचर ।

* वर्ण – चार – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व शूद्र ।

* आश्रम – चार – ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ व संन्यास ।

* फल (पुरुषार्थ) – चार – धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष ।

* वेद – चार – ऋग्वेद, सामवेद, अथर्ववेद
तथा यजुर्वेद ।

* पंचतत्व – पृथ्वी,जल,वायु,आकाश व अग्नि ।

* पंचामृत – दूध, दहीं, घी, मधु व मीठा ।

* पंच शत्रु – काम, क्रोध, मोह, लोभ व

अहंकार ।

* शास्त्र – छः – वेदांग, सांख्य, निरूक्त,
व्याकरण, योग व छंद ।

* दिवस (वार) – सात – सोमवार, मंगलवार, वुधवार, वृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार व रविवार ।

* नदियां – सात – गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु व कावेरी ।

* महासागर – सात – क्षीरसागर, दधिसागर, घृतसागर, मथानसागर, मधुसागर, मदिरासागर व लवणसागर ।

* द्वीप – सात – जम्बू द्वीप, पलक्ष द्वीप, कुश द्वीप, पुष्कर द्वीप ,शंकर द्वीप, कांच द्वीप व शालमाली द्वीप ।

* धातु (अष्टधातु) – स्वर्ण, चांदी, तांबा, लौह, शीशा, कांस्य, पीतल व रांगा ।

*ग्रह (नवग्रह) – सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, वृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु व केतू ।

* दिशाएं – दस – उर्ध्व, ईशान, पूर्व, आग्नेय, दक्षिण, नैऋत्य, पश्चिम, वायव्य, उत्तर व अधो ।

* भक्ति (नवधा भक्ति) – श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चना, वंदना, मित्र, दास्य व आत्मनिवेदन ।

* राशियाँ – बारह – मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्र्चिक, धनु, मकर, कुम्भ व मीन ।

* चौदह रत्न – अमृत, ऐरावत हाथी, कल्पवृक्ष, कौस्तुभ मणी, उच्चै:श्रवा अश्व, पांचजन्य शंख, चंद्रमा, धनुष, कामधेनु गाय, धनवंतरी, रंभा अप्सरा, लक्ष्मी माता, वारुणी व वृष ।

* चौदह भुवन – तल, अतल, वितल, सुतल, रसातल, पाताल, भुवलोक, भुलोक, स्वर्ग, मृत्युलोक, यमलोक, वरुणलोक, सत्यलोक व ब्रह्मलोक ।

* तिथियां – पन्द्रह – प्रथमा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी व अमावस्या/ पूर्णिमा ।

* श्रृगांर (स्त्रियोचित) – बिंदी, गजरा, टीका, सिंदूर, काजल, मंगलसूत्र, लाल वस्त्र, मेहंदी, बाजूबंद, नथ, कर्ण कुंडल, चूड़ी, कमरबंद, अंगूठी, पायल तथा बिछुआ।

* पुराण – अठारह – मत्स्य पुराण, मार्कण्डेय पुराण, भविष्य पुराण, भगवत पुराण, ब्रह्मांड पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म पुराण, वामन पुराण, वराह पुराण, विष्णु पुराण, वायु पुराण, अग्नि पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण, लिंग पुराण, गरुड़ पुराण, कूर्म पुराण व स्कंद पुराण ।

* नक्षत्र – सत्ताइस – अश्र्विन, भरणी, कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पूनर्वसु, पुष्य,आश्लेषा, मघा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, जयेष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपक्ष, उत्तरा भाद्रपक्ष व रेवती ।

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