शिव शक्ति! मनोवांछित फल के लिए विधि विधान से करें पूजन

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),14 फरवरी 2018।देवों के देव महादेव की साधना से ही कलयुग में कल्याण होगा।महादेव की पूजा में पार्थिव लिंग के पूजन का विशेष महत्व है। पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने वाले साधकों पर शिव की कृपा सदैव बरसती है। उक्त उद्गार सिद्धपीठ हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज ने सिद्धपीठ में महाशिवरात्रि के अवसर पर चल रहे पार्थिव शिव रुद्राभिषेक के अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। महाशिवरात्रि पर्व पर मिट्टी के सवा लाख पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधि विधान से रुद्राभिषेक पूजन के उपरांत उन्होंने कहा कि पार्थिव शिवलिंग पूजन से भक्तों पर शिवकृपा बरसती है और साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शिव महापुराण के अनुसार पार्थिव पूजा से सारे सुख प्राप्त होते हैं साथ ही साथ इस लोक में सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। इस पूजा से अकाल में होने वाली मृत्यु का भय दूर होता है। श्री यति जी ने बताया कि महाशिवरात्रि या अन्य दिनों में पार्थिव शिवलिंग की पूजा स्त्री—पुरुष सभी कर सकते है। शिव महापुराण के अनुसार सभी वर्ण और सभी वर्ग के लोग भगवान शिव के लिंगार्चन- शिवार्चन- रुद्राभिषेक आदि वैदिक अनुष्ठान कर सकते हैं। शिव पूजन करने में स्त्रियों का भी उतना ही अधिकार है| शिव सौभाग्य के देवता हैं इसलिए सुहागिन स्त्रियां भगवान शंकर से जुड़े तमाम व्रत एवं पूजन करती हैं वहीं विधवा स्त्रियो को पारद के शिव लिंग के पूजन का विधान है, उन्हें पार्थिव पूजन नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर रुद्राभिषेक महायज्ञ के यजमान विधायक डॉ वीरेंद्र यादव , जितेंद्र सिंह वैभव, हरिश्चंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, जगदीश सिंह, यज्ञाचार्य शंभू नाथ पाठक, श्रवण कुमार तिवारी सहित सिद्ध पीठ के शिष्य परिवार से जुड़े देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे। रुद्राभिषेक महायज्ञ पूजा के दौरान गंगोत्री सेवा समिति वाराणसी की गंगा महाआरती टीम द्वारा महाआरती का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।


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