बाढ़ आपदा से बचाव हेतु मॉकड्रिल के माध्यम से किया जागरूक

गाजीपुर। उ.प्र. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में बाढ़ के प्रति संवेदनशील जनपद में बाढ़ आपदा से बचाव सुरक्षा हेतु राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज की गयी। जनपद के पांच बाढ़ प्रभावित तहसील सदर, सैदपुर, जमानियां, मुहम्दाबाद तथा सेवराई के समस्त बाढ़ प्रभावित तहसीलों में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। 


मॉकड्रिल में तहसील सदर के तहत पोस्ता घाट पर गंगा नदी के किनारे अत्यधिक वर्षा/अतिविष्टि/बाढ़ के पानी के दबाव से मकान क्षतिग्रस्त हुआ, क्षतिग्रस्त मकान में से 10-15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं किसी की मौत के बाद दाह संस्कार के उपरान्त गंगा नदी में स्नान के दौरान लापरवाही के कारण डूब रहे तीन बच्चों को रबर बोट का प्रयोग करते हुए बच्चों को बचाने  का रिहर्सल किया गया। नदी के पानी एवं क्षतिग्रस्त मकान से निकाले गए सभी व्यक्तियों को बाढ़ शरणालय में रखा गया, जहा अनुभवी चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय सुविधा दी गयी। राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं अन्य सम्बन्धित विभाग का वहां कैंप का प्रदर्शन किया गया तथा लोगो को  बाढ एवं आपदा के दौरान स्वयं बचने व प्रभावित व्यक्तियों को बचाने के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण दिया गया। 

इसी क्रम मे फुलवारी घाट ग्राम फुलवारी कलां तहसील सैदपुर बाढ़ के पानी कम होने के उपरान्त डायरिया फूड प्वाइजनिंग के प्रकोप से बचाव हेतु अस्पताल को चिन्हित करते हुए पीड़ित/मरीज का उपचार किया गया।  प्राथमिक विद्यालय सोनवल तहसील जमानियां बाढ़ के पानी से सोनवल रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे-24 प्रायः डूब जाने के कारण जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उक्त समस्या की सामाधान की व्यवस्था को प्रदर्शित करते हुए रेलवे, एन.एच.आई., पुलिस के सामुहिक प्रयास से रोड डायवर्जन करते हुए वैकल्पिक रास्ते का परीक्षण किया गया तथा सायरन एवं लाउडस्पीकर का प्रयोग करते हुए जनमानस को अपेक्षित सहयोग हेतु प्रेरित किया गया। 

      तहसील मुहम्मदाबाद के गौसपुर के कोयला घाट पर नाव दुर्घटना से लोगों को बचाकर नदी से बाहर निकाला गया तथा एम्बुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। गंगा के जलस्तर से कटान प्रभावित क्षेत्रों में अचानक से कटान होने की सूचना प्राप्त हुइ कि गांव में पानी जा रहा है, गांव खाली कराया गया और बाढ़ शरणालय में गांव के लोगों को ठहराया गया जहां शरणालय में समस्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रही, राहत पैकेट 48 घण्टे के अन्दर एवं तीरपाल का वितरण किया गया। यहां राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं सिंचाई विभाग के कैंप का प्रदर्शन किया गया।

नेहरू विद्यपीठ इण्टर कालेज रेवतीपुर तहसील सेवराई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे जनमानस व पशुओं को निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाना एवं बाढ़ शरणालय में निवास कराया। बाढ़ शरणालय पर ही बच्चों की शिक्षा एवं खेल हेतु व्यवस्था किया गया। बाढ़ शरणालय में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेण्डर में आग लग गयी, जिसको अग्निशम विभाग एवं आम जनमानस द्वारा आग बुझाये जाने का प्रदर्शन किया गया। 

        इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर रवीश कुमार, असि. कमांडेन्ट एन डी आर एफ राम भुवन यादव,  तहसीलदार सदर राजीव यादव, नायब तहसीलदार विजयकान्त पाण्डेय, एवं अन्य जनपदस्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण, आपदा मित्र एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे डं। कार्यक्रम का संचालन अशोक राय आपदा विशेषज्ञ ने किया।  

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