लडा़ई वर्चस्व की !पचास हजार के इनामियां रईस बनारसी सहित राकेश अग्रहरि की मौत
वाराणसी (उत्तर प्रदेश ), 15 सितम्बर 2018 ।शुक्रवार की संध्या करीब साढ़े पांच बजे शाम दशाश्वमेध थाना अंतर्गत पतालेश्वर गली में अचानक हुई गोलीबारी से क्षेत्र में दहशत फैल गई। जो लोग जहां थे, वहीं सुरक्षित स्थानों में दुबक गये। पता चला कि वहीं के निवासी राकेश अग्रहरि पर वहां पैदल पहुंचे दो बदमाशों ने उसे लक्ष्य कर गोलियां चलाई।स्थिति की नजाकत देखकर राकेश ने भी उनपर फायर झोंक दिया। बदमाश मौके से भाग निकले ।राकेश को तत्काल अस्पताल पहुचाया गया,जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।तभी पुलिस को पता चला कि गोली से लहुलुहान रईस बनारसी जान बचाने हेतु लंगड़े हाफ़िज़ मस्जिद में घुसते ही फर्श पर गिर गया था। उसे आननफानन में स्थानीय लोगों ने कबीर चौरा अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी। जनचर्चा रही कि दोनों गैंगों के मध्य हुई क्रॉस फायरिंग के खूनी खेल में 50 हजार का इनामी बदमाश रईस अहमद उर्फ रईस बनारसी 36वर्ष और राकेश अग्रहरि 32वर्ष की मौत हो गयी है।घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी मौके पर पहुंच जांच पड़ताल में जूट गये। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव मंडलीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। रईस की एक जेब से नाइन एमएम की भरी मैगजीन और दूसरे जेब से आधा दर्जन कारतूस मिला। वहीं, घटनास्थल से पुलिस ने नाइन एमएम का दो खोखा बरामद किया। आतंक का पर्याय शातिर अपराधी रईस की तलाश वाराणसी, इलाहाबाद और कानपुर पुलिस के साथ ही एसटीएफ भी वर्ष 2015 से कर रही थी। रईस बनारसी कानपुर में चर्चित शानू ओलंगा समेत आधा दर्जन से ज्यादा हत्याओं में शामिल था। पुलिस के लिए सरदर्द बना चर्चित बदमाश रईस सिद्दीकी उर्फ रईस बनारसी 22 अक्टूबर को दोपहर बनारस की जिला जेल से बरेली शिफ्ट करते वक्त रास्ते में पुलिस वैन से कूदकर फरार हो गया था। उसके ऊपर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 50 हज़ार का इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस घटना का कारण दोनों के मध्य रंगदारी वसूली व वर्चस्व की लड़ाई को मान रही है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें घटना की जांच में जूटी हुई हैं।
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