ईंट भट्ठों के संचालन से पूर्व विनियमन शुल्क जमा करना जरूरी

गाजीपुर। ईंट भट्ठा सत्र 2026-27 के लिए जिले में ईंट भट्ठा संचालकों से पायों की संख्या के आधार पर विनियमन शुल्क लेने की व्यवस्था लागू की गई है। जिलाधिकारी के अनुसार, भट्ठा संचालकों को निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
वहीं आवेदन के साथ दो हजार रुपये शुल्क जमा करने के अलावा भट्ठा स्थल के जियो-कोऑर्डिनेट, भट्ठे का प्रकार, पायों की संख्या तथा ईंट-मिट्टी के खनन क्षेत्र सहित अन्य जानकारी भी दर्ज करानी होगी। दर्ज विवरण के आधार पर विनियमन शुल्क और फ्लोथन मिट्टी के लिए देय राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। इसके बाद पोर्टल से शुल्क जमा प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकेगा।
प्रशासन के अनुसार, विनियमन शुल्क अग्रिम रूप से जमा करने के बाद ही भट्ठे का संचालन किया जा सकेगा। बिना शुल्क जमा किए संचालित भट्ठों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ईंट-मिट्टी के विनियमन शुल्क की 10 प्रतिशत राशि फ्लोथन मिट्टी के लिए भी जमा करनी होगी।
विशेष बात यह है कि 30 नवंबर 2026 तक जमा शुल्क पर ब्याज देय नहीं होगा। इसके बाद जमा की जाने वाली राशि पर नियमानुसार ब्याज लागू होगा। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के संबंधित प्रावधानों तथा न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के अधीन रहेगी।
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