अर्थव्यवस्था में डिजिटल वित्तीय तकनीकों की जानकारी आवश्यक 

डिजिटल भुगतान हेतु आधुनिक तकनीक एवं  सावधानियां आवश्यक 


गाजीपुर। “आभासी मुद्रा एवं ब्रिक्स” विषयक एकल व्याख्यान माला का आयोजन स्नातकोत्तर महाविद्यालय मलिकपुरा में सम्पन्न हुआ। प्राचार्य प्रो. दिवाकर सिंह के मार्गदर्शन में बुधवार को  अर्थशास्त्र विभाग के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

      विभाग प्रभारी चंदन जी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं महाविद्यालय परिवार को आभासी मुद्रा, डिजिटल भुगतान प्रणाली तथा ब्रिक्स जैसे समकालीन आर्थिक एवं वित्तीय विषयों की जानकारी प्रदान करना और बदलती वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है।

      कार्यक्रम का शुभारंभ विषय-परिचय एवं मुख्य वक्ता के स्वागत के साथ हुआ। डॉ. प्रिंस कुमार कसौधन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र, महंत रामाश्रय दास पी.जी. कॉलेज, भुड़कुड़ा, गाजीपुर ने व्याख्यान के विषय पर बीज वक्तव्य दिया। उन्होंने समकालीन अर्थव्यवस्था में डिजिटल वित्तीय तकनीकों की बढ़ती भूमिका तथा विद्यार्थियों के लिए ऐसे विषयों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने सारगर्भित वक्तव्य में आभासी मुद्रा की अवधारणा, उसकी प्रकृति एवं डिजिटल वित्तीय व्यवस्था में उसकी भूमिका से उपस्थितजनों को अवगत कराया। साथ ही डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते प्रयोग, उनकी उपयोगिता तथा उनसे जुड़ी सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय लेन-देन और भुगतान प्रणालियों में तेजी से तकनीकी परिवर्तन हो रहा है। डिजिटल भुगतान ने लेन-देन को अधिक त्वरित एवं सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा, गोपनीयता, वित्तीय जोखिम तथा डिजिटल जागरूकता जैसे पक्षों को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल वित्तीय साधनों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतने तथा किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले आवश्यक जानकारी प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया।

      वहीं ब्रिक्स के संदर्भ में भी समकालीन वैश्विक अर्थव्यवस्था में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका तथा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वक्ता ने बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में वित्तीय तकनीक, डिजिटल भुगतान और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के बीच विकसित हो रहे संबंधों को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्थिक विषयों के अध्ययन को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए वर्तमान आर्थिक एवं तकनीकी परिवर्तनों से जोड़कर देखने के लिए प्रेरित किया।

       कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित जानकारी को रुचिपूर्वक सुना। व्याख्यान के माध्यम से आभासी मुद्रा एवं डिजिटल भुगतान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाने का प्रयास किया गया। आधुनिक वित्तीय तकनीकों के बढ़ते महत्व को देखते हुए कार्यक्रम को शैक्षिक एवं ज्ञानवर्धक दृष्टि से उपयोगी बताया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया।

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