कताई मिल बिकने से कर्मचारियों में बढ़ी बेचैनी 

बकाया भुगतान को लेकर कर्मचारियों ने दिया पत्रक 


बहादुरगंज (गाज़ीपुर)। लंबे समय से बंद और अपने दुर्दशा पर आंसू बहाने वाली, जनपद में एकमात्र औद्योगिक इकाई पूर्वांचल सहकारी कताई मिल बहादुरगंज के मशीनी कल पुर्जों को आखिरकार नीलाम कर दिया गया। मिल में कार्यरत सैकड़ो कर्मचारी, अधिकारी एवं सुरक्षा गार्ड्स का वेतन भुगतान अभी भी अधर में लटका पड़ा है। 

बताते चलें कि पूर्वांचल सहकारी कताई मिल की स्थापना कांग्रेस शासन काल के दौरान सन 1984 में 80 एकड़ भूमि पर बड़ौदा में की गयी थी। इसका शिलान्यास करने के उपरान्त तत्कालीन मुख्यमंत्री बीपी सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा था कि इस मिल की स्थापना से बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा तथा इस सुदूर क्षेत्र में विकास की धारा चलेगी। धीरे-धीरे यह मिल उत्तर प्रदेश नगर निगम के तत्वाधान में बनकर तैयार हुई। सन 1986 में मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के कर कमल द्वारा इस मिल का उद्घाटन संपन्न हुआ और बिरान पड़ा ग्रामीण क्षेत्र गुलजार हो गया। मिल में लगभग बारह सौ मजदूर वर्ग शिफ्ट में कार्य करने लगे और यहां आधुनिक तरीके का धागा तैयार होने लगा। काफी उतार-चढ़ाव झेलते हुए आखिरकार यह मिल सन 2010 में बंद हो गई। यह मिल जर्जर अवस्था में अपने दुर्भाग्य पर आंसू बहाती रही।मिल बंद होते ही यहां कार्य करने वाले मजदूर, कर्मचारी और अधिकारी सब बेरोजगार हो गए। धीरे धीरे कर कुछ मजदूरों व कर्मचारियों का बकाया पैसा प्राप्त हुआ परंतु आज भी सैकड़ो कर्मचारियों का भुगतान अधर में लटका हुआ है।   मिल में काम कर चुके कर्मचारियों का कहना है कि इस मिल की पुरानी मशीनों की बिक्री ऑनलाइन मुंबई की फॉर्म को साडे छह करोड़ में कर दी गई है  और जर्जर भवन को भी गिराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वास्तविक है कि इस मिल परिसर में हजारों पेड़ लगे हुए हैं। देखना यह है कि पेड़ को भी नीलाम किया जाता है या वन विभाग को सुपुर्द किया जाता है।

    बताया जा रहा है कि अब यह मिल उत्तर प्रदेश सीड़ा को आवंटन हो जाएगी और उत्तर प्रदेश सीड़ा की देखरेख में इस लंबे चौड़े परिसर में क्या स्थापित होगा यह आने वाले समय में पता चलेगा। इधर मिल के निलाम व बिक्री पर मिल के पूर्व कर्मचारी अपने बकाया वेतन के भुगतान न होने पर विरोध जताते हुए बैठककर  बकाया भुगतान न होने पर नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों का कहना है कि मिल को सरकार चल नहीं सकी बल्कि उसे नीलाम कर दिया गया इससे हम लोगों की रोजी-रोटी व जीविकोपार्जन का मार्ग बंद हो गया और सरकार लगभग सैकड़ो कर्मचारियों अधिकारियों सुरक्षा गार्ड्स का बकाया वेतन भुगतान आज तक नहीं कर पाई। यह सरासर अन्याय है। कर्मचारियों ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश फेडरेशन कॉरपोरेशन कानपुर के वरिष्ठ अधिकारी एवं अकाउंटेंट से अपनी बात कहते हुए भुगतान न होने का जानकारी दी। इस पर उन्होंने कहा कि हम इसकी जानकारी प्राप्त करके बकाया वेतन का भुगतान जल्द ही कर देंगे। अपने बकाया भुगतान को लेकर कर्मचारियों व अधिकारियों में आक्रोश है और उन्होंने रजिस्टर्ड शिकायती पत्र बकाया वेतन के भुगतान के  लिए जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री एवं पंचायती राज्य मंत्री को भी पत्रक देकर बकाया भुगतान की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर बकाया वेतन का भुगतान नहीं होगा तो हम लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में मुख्य रूप से राम नगीना राय, जंग बहादुर सिंह, राममिलन सिंह, रामेश्वर सिंह, श्याम बिहारी वर्मा, श्री राम, विनोद त्रिपाठी, राणा प्रताप, नंदू जयप्रकाश, अमरनाथ सिंह इत्यादि लोग शामिल रहे।

Views: 109

Advertisements

Leave a Reply