दिव्यांगता पुनर्वास के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सकारात्मक नजरिया आवश्यक
गोरखपुर। सीआरसी द्वारा आयोजित स्वयंसेवी संस्थाओं, दिव्यांग समूहों के मंडल स्तरीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि
प्रो• पूनम टंडनक्षकुलपति पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय ने कही।
उन्होंने दिव्यांगजनों हेतु उच्च शिक्षा को सुगम बनाने हेतु ऑनलाइन पाठ्यक्रम के विकास पर जोर दिया ताकि दिव्यांगजन जहां हों वहीं रहकर शिक्षा को प्राप्त कर सकें। विशिष्ट अतिथि गोपाल कृष्ण अग्रवाल निदेशक शिक्षित युवा समिति ने कहा कि समावेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वयंसेवी संगठन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि सीमित मानव संसाधन के साथ में पूरे गोरखपुर के कार्य क्षेत्र में यदि सीआरसी की पहुंच बन रही है तो यह स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से ही संभव हो पा रहा है। तकनीकी सत्र में सीआरसी गोरखपुर के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक राजेश कुमार, भौतिक चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता विजय कुमार गुप्ता एवं पुनर्वास अधिकारी राजेश कुमार यादव ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम में वर्णित प्रावधानों तथा राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों हेतु संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा किया। दिव्यांगता पेंशन जैसी समाज कल्याण की योजनाएं दिव्यांगजन कैसे और कहां से प्राप्त कर सकते हैं इस बारे में दिव्यांग समूह के संगठनों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 50 से ज्यादा स्वयंसेवी संगठन और दिव्यांग समूह के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सीआरसी गोरखपुर के सभी अधिकारी और कर्मचारी गण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक नागेंद्र पांडेय ने किया।
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