चेतावनी बिंदु पर पहुंचने को आतुर गंगा 

गाज़ीपुर। सावनी फुहार और बरसात ने भयंकर गर्मी और सूखे की मार झेल रहे प्राणियों में नवजीवन का संचार किया है। काफी कम क्षेत्रफल में लगायी गयी धान की फसल में भी अब हरियाली आने लगी है। सुहाने मौसम का लुत्फ उठाते हुए लोग प्राकृतिक सौन्दर्य का आनन्द ले रहे हैं।

         इतना ही नहीं बल्कि गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से किनारे बसे लोगों पर बाढृ का खतरा मंडराने लगा है।  शनिवार से ही गंगा का जल स्तर बढ़ाव पर रहा। मंगलवार को गंगा नदी खतरा बिंदु से नीचे बह रही हैं और जलस्तर 2 से 3 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ता पाया गया। मंगलवार सुबह गंगा का जलस्तर 61.370 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जो चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंचता जा रहा है।

       बताते चलें कि गंगा का सामान्य जलस्तर  59.906 मीटर होता है। चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर, खतरा बिन्दु 63.105 मीटर तथा बाढ़ का उच्च स्तर   65.220  मीटर निर्धारित है।

     उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.530 मीटर, वर्ष 2021 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.680 मीटर तथा वर्ष 2022 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर रहा है ।

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