रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयासों से जिले को मिल रही तरक्की

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),19जनवरी 2018।शुक्रवार उन्नीस जनवरी का दिन जिले के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया।जिले में विकास पुरुष के रुप में उदित जिले के सांसद और केन्द्र सरकार में रेल व संचार राज्य मंत्री के रुप में अपनी अहर्निश सेवाएं देकर जिले का गौरव बढ़ाने वाले मनोज सिन्हा ने जिले के किसानों व खिलाड़ियों को उस थाती तक पहुचाया जिसके वे वास्तविक हकदार थे।शहर के आरटीआई मैदान के पन्द्रह एकड़ क्षेत्र में स्थापित होने वाले उच्च स्तरीय अन्तर्राष्ट्रीय नवीन स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास मुख्य अतिथि रेल राज्यमंत्री व संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, विशिष्ट अतिथि  विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री उ.प्र.नीलकठ तिवारी एवं समारोह  के अध्यक्ष खेल युवा कल्याण तथा व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री उ.प्र. चेतन चौहान ने दीप प्रज्जवलित कर किया और इस क्षण के साक्षी बने अन्तराष्ट्रीय खिलाड़ी मंदीप जागड़ा (बाक्सिग), मीराबाई चानू (वेटलिफ्टर), मंजीत छिल्लर(कबड्ड़ी) ,साक्षी मलिक (रेस्लर), सत्यब्रत (रेस्लर)। अपने उद्बोधन में मनोज सिन्हा ने कहा कि गाजीपुर की धरती पहलवानों की धरती रही है, यहां से कबड्डी, वालीबाल, फुटवाल, हॉकी के राष्ट्रीय खिलाडी निकले है।  सुविधाओं एवं प्रशिक्षण के अभाव में यहां के खिलाड़ी ओलम्पिक में नही पहुच पाते हैं। पिछड़े ग्रामीण इलाको में छुपी प्रतिभाओं को आगे लाकर देश को ओलम्पिक में पदक दिलाना ही इसका मुख्य लक्ष्य है।यहां 15 एकड़ में एक ऐसे स्टेडियम का निर्माण हो रहा है जो प्रदेश में स्थान रखेगा। विशिष्ट अतिथि युवा कल्याण मंत्री नील कण्ठ तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि सिन्हा जी द्वारा गाजीपुर के विकास का लिया गया संकल्प पूरा हो रहा है। उनके द्वारा जनपद में विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से विकास  कार्याे पर महत्ता दी जा रही है। रास्तों के चौडीकरण, महानगरो को जाने वाली रेलगाडियां, आईआरसीटीसी प्रशिक्षण केन्द्र, लाईफ लाईन का तोहफा उनके प्रयासों से मिल रहा है।उनके प्रयासों के फल से ही गाजीपुर घाट पर पेरिसेबल कार्गो सेन्टर के रूप में अत्याधुनिक सब्जी व फल संरक्षण केंद्र का संचालन शुरू हुआ जिससे यहां के किसानों की ताजी सब्जियां देश के दुरस्थ हिस्सों तक पहुंच रही हैं और किसानों को उसका वाजिब मूल्य मिल रहा है। उन्होने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में जनता के विकास लिए प्रयासरत है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां एक उच्च स्तर का अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम बनेगा जो यहां के खिलाडियों के लिए खेल के प्रति रूचि पैदा कर उन्हें ओलम्पिक स्तर तक पहुचाने का जरिया होगा। समारोह के अध्यक्ष व्यवसायिक शिक्षा व कौशल विकास मंत्री उ.प्र. चेतन चौहान ने अपने सम्बोधन में कहा कि खिलाडी का कोई धर्म नही होता।वे गर्मी, ठण्ढी, बरसात में रोज 10 से 12 घण्टे कड़ी मेहनत करने के बाद खिलाडी बनते है। प्रदेश सरकार खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों का सहयोग करेगी और अब खिलाडियों को अपना प्रदेश छोड़ने की जरूत नही पडेगी। सरकार खेल कोटे से अब खिलाड़ियों की भर्ती प्रदेश में ही  करेगी। प्रदेश सरकार ओलंम्पिक गेाल्ड मेडल पर छ करोड, सिल्वर मेडल पर चार करोड़ तथा कांस्य मेडल पर दो करोड़ रूपये देगी। उन्होने कहा कि लगभग 15 माह में स्टेडियम का निर्माण कर लिया जायेगा। खेल निदेशक उ.प्र. आर.पी. सिह ने कहा कि मनोज सिन्हा को खेल के प्रति बहुत लगाव है, काफी वर्षाे से गाजीपुर में एक बडे स्टेडियम बनाने की बात रखी थी। अन्तराष्ट्रीय खिलाड़ी मंदीप जागड़ा, (बाक्सिग), मीराबाई चानू (वेटलिफ्टर), मंजीत छिल्लर(कबड्ड़ी),साक्षी मलिक (रेस्लर), सत्यब्रत (रेस्लर) ने उपस्थित खिलाड़ियों को लगन के साथ कड़ी मेहनत कर ओलम्पिक में मेडल लाकर देश का नाम रौशन करने  का आह्वान किया।इस अवसर पर विधायक द्वय सुनिता सिंह,डा. संगीता बलवंत सहित भाजपा के वरिष्ठ नेतागण , खिलाड़ी गण  एवं भारी संख्या में जनता उपस्थित रही।समापन जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिह ने किया। इससे पूर्व सबेरे ही अत्याधुनिक भंडारण गृह के निर्माण हेतु रेल राज्य मंत्री ने सैदपुर तहसील क्षेत्र  के लाढ़ा अनौनी गांव में लाजिस्टिक हब के निर्माण हेतु भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। इस अत्याधुनिक भंडारण गृह के निर्माण से गाजीपुर सहित जौनपुर,आजमगढ़ और वाराणसी के किसानों को अपनी उपज संरक्षित करने में मदद मिलेगी। लाजिस्टिक हब के निर्माण में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। भंडारण गृह में कृषि उत्पाद,उर्वरक तथा बीजो को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने की हर सुविधा उपलब्ध होगी। इस संदर्भ में भाजपा नेताओं तथा वुद्धिजीवीयों का कहना है कि स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर वर्ष 2014 तक गाजीपुर क्षेत्र प्रायः केन्द्र सरकार से उपेक्षित सा रहा जिसके कारण यहां के लोगों के विकास हेतु कोई लौ प्रस्फुटित नहीं हुई। मंत्री बनने के बाद से मनोज सिन्हा यहां के सर्वमुखी विकास हेतु संकल्पित रहे जिसका नतीजा अब दिखने लगा है।यदि ऐसी ही स्थिति भविष्य में भी बनी रही तो निःसंदेह पूर्वांचल में गाजीपुर की एक अलग पहचान होगी।


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