कविता ! “उठ दीप जला”

“उठ दीप जला” उठ दीप जला तम दूर भगा, भर दे जग में तू उजियारा। कुछ कर ऐसा आगे बढ़ के, फिर रहे कहीं न अंधियारा।। भय ग्रस्त जो चेहरे … Read More

कवि हौसला अन्वेषी की नवीन रचना

कुदरत से बतियाता चल, अपना अह॔ मिटाता चल । आया है तो इस जीवन में, खुशबू जरा लुटाता चल ।। इंसानी वैभव है वैभव, यही सत्य अपनाता चल । सोना … Read More

कविता ! “अंतिम विजय हमारी होगी”

मऊ,28 2020। वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहे देशवासियों को बचाने और जागरूक करने के लिए शासन,प्रशासन के साथ आवश्यक सेवाओं में जूटे कर्मयोगियों के साथ कवि अशोक राय वत्स … Read More

कोरोना ! प्रधानमंत्री ने किया 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लाक डाउन का एलान

गाजीपुर, 24 मार्च 2020। देश और देशवासियों के हितों की रक्षा हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में आज रात 12 बजे से 21 दिन के लिए अर्थात 3 … Read More

बासंतिक नवरात्र – 2020

चैत्र नवरात्रि 2020। वाराणसी, 23 मार्च 2020। भारतीय नववर्ष का शुभारंभ चैत्र प्रतिपदा से होता है। इसे भारतीय संवत्सर भी कहा जाता है। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल पक्ष की … Read More

कविता ! ” माना खतरा बहुत बड़ा है’

” माना खतरा बहुत बड़ा है’ कोरोना की मार से मित्रों, त्रस्त सकल संसार। डरने की कोई बात नहीं, पर करलो उचित उपाय।। सावधान उनसे तुम रहना, जो बने आवारा … Read More

मानव ही होता है भजन पूजन का हिस्सा, धर्ममय जीवन ही मनुष्य को अन्य प्राणियों से अलग करता है

गाजीपुर,21 मार्च 2020। कासिमाबाद के बहरामपुर वेद बिहारी के पोखरे पर मानव धर्म प्रसार प्रवर्तन समाजसेवी संस्था के 17वे वार्षिक सम्मेलन व चतुर्थ श्री सीताराम नाम मानवता अभूदय यज्ञ में … Read More

कविता ! “रण कौशल ऐसा दिखलाना”

“रण कौशल ऐसा दिखलाना” अरि दल ने आँख दिखा कर के, जरा देख हमें ललकारा है, जिसने था कुमकुम तिलक किया, उसने भी आज पुकारा है। उठ समर भूमि में … Read More

बढ़िया राष्ट्र बनाना होगा

हमको दीप जलाना होगा । खुद दीपक बन जाना होगा ।। छाया है घनघोर अंधेरा । उसको दूर भगाना होगा ।। जहाँ कहीं भी मिले शरारत। उसको दूर हटाना होगा … Read More

होलिका दहन ! आज जलेगी होली

वाराणसी(उत्तर प्रदेश),09 मार्च 2020। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार रंग पर्व होली हर साल बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के … Read More