साहित्य सृजन में “भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान” डा.विजयानन्द को

गाजीपुर।जिले के जखनियां तहसील के मनिहारी क्षेत्र पंचायत के बखरा ग्राम के मूल निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.विजयानन्द को उनकी साहित्यिक सेवाओं एवं नाट्यलेखन के लिए हिंदुस्तानी एकेडमी , प्रयागराज ने … Read More

रक्षाबंधन – मुहूर्त व विधि

वाराणसी। रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा के दिन ससमारोह धुमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के आपसी प्रेम का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों … Read More

प्रेमचंद को पढ़ने का अर्थ अपने समय को जानना है

प्रेमचंद साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित समापन सत्र में वक्ताओं ने व्यक्त किए विचार गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर एवं प्रेमचंद साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित द्वीसप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला प्रेमचंद को … Read More

“शिव महिमा”

“शिव महिमा” चुटकी भर सिंदूर बिना जैसे श्रृंगार अधूरा है, वैसे ही अभिषेक बिना शिव का श्रृंगार अधूरा है। व्रत रखने वालों सावन में क्या कभी विचार किया तुमने, जब … Read More

आस्था ! जमीन फाड़कर निकला था असावर का शिवलिंग

गाजीपुर। करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के असावर गाँव स्थित बुढ़वा महादेव का अति प्राचीन मंदिर लोगों में श्रद्धा और आस्था का केन्द्र बना हुआ है। इस शिवलिंग की उत्पत्ति जमीन फाड़कर हुई … Read More

पंचांग व राशिफल 21 जुलाई 2020

पंचांग व राशिफल 21 जुलाई 2020 पंचांग विक्रमी संवत् 2077 शक सम्वत 1941 मास श्रावण पक्ष शुक्ल पक्ष तिथि प्रतिपदा 21:21 तक नक्षत्र पुष्य 20:23 तक करण किमस्तोगना बावा 10:14 … Read More

राष्ट्रीय कार्यशाला ! “प्रेमचंद की विरासत” पर वक्ताओं ने व्यक्त किया उद्गार

हाशिए पर रहने वालों को प्रेमचंद ने बनाया अपनी कथा का नायक, अपने जीवन्त लेखनी के बल पर अमर है मुंशी प्रेमचंद गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं प्रेमचंद साहित्य … Read More

कविता ! “कसक बस इतनी है दिल में”

“कसक बस इतनी है दिल में” हुए क्यों दूर हो मुझसे, नहीं तुमसे ये पूछूँगा, मिली है सीख जो इससे ,संजो कर के मैं रख लूँगा। अचानक से हुए ओझल, … Read More

कवियत्री की नयी रचना

@@@@@@@@@@@ जीवन यात्रा- बात बहुत पुरानी है एक बार मैंने बचपन ढ़ूंढा अल्हड़ सा था कुछ फिर पुराने बगीचे में आम तोड़ते मिला किशोर थोड़ा शरारती थोड़ा निडर… फिर मिला … Read More

कवि हौसिला प्रसाद अन्वेषी की नयी रचना

मजबूती से गाना होगा। अपना देश बचाना होगा ।। कई जगह पर घाव लगा है। मरहम वहाँ लगाना होगा ।। उन्नति की आधारशिला पर। बढ़िया महल उठाना होगा ।। रोज … Read More