सावनी फुहार काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण

कवि सम्मेलन में कवियों ने मचाई धूम 


मुम्बई । वसई पालघर। हमरूह प्रकाशन व काव्यसृजन के संयुक्त प्रयास से लोकभाषा कजरी की पुस्तक “सावनी फुहार” खंड क साझा कजरी काव्य संग्रह का लोकार्पण नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर हुआ।

     अन्वेषी सदन वसई ईस्ट में डॉ सागर त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय गज़लकार डॉ सागर त्रिपाठी व मुख्य अतिथि तमिलनाडु हिन्दी साहित्य एकाडमी के सचिव ईश्वर करण, अमित दूबे, उदयनारायण सिंह निर्झर, ज्योतिषविद् पं.लक्ष्मीश्वर मिश्र के कर कमलों द्वारा लोकार्पण किया गया। संचालन संस्थापक अध्यक्ष पंडित जमदग्निपुरी ने किया। 

    इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों द्वारा माॅं सरस्वती के पूजनोपरांत भव्य काव्यगोष्ठी भी हुई। माॅं सरस्वती की वंदना कर  “आत्मिक” श्रीधर मिश्र ने कार्यक्रम को गति प्रदान की। महानगर, उपनगर के तमाम कवि कवयित्रियों ने काव्यपाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट और वाहवाहियों से अन्वेषी सदन गुंजायमान रहा।

 कवि संदीप प्रजापति”राजा”, आनंद पाण्डेय “केवल”, डॉ प्रमोद पल्लवित, हौसिला प्रसाद “अन्वेषी”, अरुण दूबे”अविकल”, हीरालाल यादव”हीरा”,ताज मोहम्मद सिद्दीकी, अवधेश विश्वकर्मा “नमन”,सजनलाल यादव, ओमप्रकाश तिवारी, वाचस्पति तिवारी, ओमशरण मिश्र, विनोद कुमार सिंह, मुरलीधर पाण्डेय, अमित दूबे, उदयनारायण सिंह”निर्झर”, लक्ष्मीश्वर मिश्र, डॉ सागर त्रिपाठी, ईश्वर करुण, पं.जमदग्निपुरी, डॉ मृदुल तिवारी “महक”, इंदू मिश्रा, रामजीत गुप्त,”आत्मिक”श्रीधर मिश्र, दीपक खेर आदि ने अपनी कालजयी रचनाओं का पाठ कर आयोजन को सुरम्य बना दिया। भोलानाथ मिश्र, परमानंद राय, अजय राय, उमेश गुप्ता आदि गणमान्य इस अनमोल पल के साक्षी बने। इनकी उपस्थिति आयोजन को ऊंचाई प्रदान की। अतिथियों का सम्मान संस्था ने अंगवस्त्र पुष्पगुच्छ से किया। राष्ट्रगान के उपरांत आभार ज्ञापन संस्था के उप सचिव आनंद पाण्डेय केवल ने किया। 

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