होली मिलन व कवि गोष्ठी में कवियों ने बिखेरी छटा
गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में होली मिलन व कवि गोष्ठी कार्यक्रम संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ के स्वामी विवेकानन्द काॅलोनी स्थित आवास पर सम्पन्न हुआ।
सुदृष्टि बाबा पी.जी.काॅलेज रानीगंज,बलिया के प्राचार्य डाॅ.सन्तोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम के प्रथम चरण में कवि-गोष्ठी में जहाँ कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से वर्तमान परिवेश को रेखांकित किया,वहीं द्वितीय चरण में गायकों ने अपने गीत-संगीत से श्रोताओं को रससिक्त कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संजय पाण्डेय की वाणी वन्दना से हुआ। युवा कवि मनोज यादव ‘बेफ्रिक’ ने ‘सुबह की लालिमा में,किसी के लाल ने,किसी के लाल को,लाल कर दिया, तो कवि अभिमन्यु यादव ने ‘तुम्हारे नजदीक आकर हमने,इस जहाँ को भुला दिया है’ सुनाकर वाहवाही बटोरी।
गीतकार नागेश कुमार मिश्र ने ‘अँधेरी रातों का बादल हुआ हूँ,है मेरा चांद कहाँ पागल हुआ हूँ ‘ सुनाया तो अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने ‘एक सज्जन से मुहल्ले के बच्चे जब,होलिकोत्सव का चंदा माँगने लगे,बिना रंग लगाये ही तब,उनके चेहरे पर लाल-पीले रंग छाने लगे’ सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया। ओज के कवि दिनेश चन्द्र शर्मा ने ‘यह सच है कि आतंकवाद का ताण्डव कम नहीं होगा,फिर भी मादरे वतन की कसम,देश की एकता को विखंडित नहीं होने देंगे’ सुनाकर श्रोताओं में ओजत्व का संचार किया। वहीं शशांक शेखर पाण्डेय ने गुरु वन्दना प्रस्तुत कर श्रोताओं को आनन्दित किया।
द्वितीय चरण में सेन्ट जाॅन्स स्कूल की संगीत शिक्षिका माया नायर, डाॅ.सन्तोष कुमार सिंह, संजू पाण्डेय, कुसुम दूबे आदि ने गीत, गजल एवं भजन सुनाकर श्रोताओं को अपने सुर, लय एवं ताल पर झूमने के लिए विवश कर दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आलोक राय, दौलत गुप्ता, दिलीप आर्य, संगीता तिवारी, स्नेहा तिवारी, दीनानाथ चतुर्वेदी, राघवेन्द्र ओझा, राजीव मिश्र, अशोक गुप्ता, विजय मिश्र, रंगजी सिंह, अमित श्रीवास्तव, संजय दूबे, अंकुर, अंकित, कृष्णा आदि उपस्थित रहे। संचालन संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ एवं धन्यवाद ज्ञापन संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।
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