डा. राजेन्द्र प्रसाद ! संविधान निर्माण में रही अग्रणी भूमिका

गाजीपुर, 03 दिसम्बर 2019। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में देश के संविधान सभा के अध्यक्ष एवं प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी की १३५ वीं जयंती के अवसर पर पीर नगर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि व महासभा के राष्ट्रीय सचिव संजय श्रीवास्तव ने उन्हें देश का महान नेता बताते हुए विलक्षण प्रतिभा के धनी राजेन्द्र बाबू को महात्मा गांधी का सच्चा अनुयायी और महान देशभक्त बताया।
महासभा के‌‌ प्रान्तीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने राजेन्द्र बाबू को विराट व्यक्तित्व का मालिक‌ बताते हुए सरलता और सादगी‌का पर्याय बताया। उन्होंने उन्हें महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताते हुए बिहार के गांधी की संज्ञा दी।
इस गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महासभा के जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव ने राजेन्द्र बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित करने हुए उन्हे भारतीय संविधान का जनक बताया। उन्होंने कहा कि देश का संविधान उनके नेतृत्व में बना था जिसके सहारे आज देश लगातार आगे बढ़ रहा है। आज देश की‌ चंद राजनैतिक पार्टियां संविधान की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ करना चाहती है, हमें उनके नापाक मंसूबों से बचना होगा और देश के संविधान की रक्षा करने‌का संकल्प लेना होगा। अन्य वक्ताओं ने
उनके कृतित्व व व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उनसे सीख लेकर राष्ट्र हित में कार्य करने का आह्वान किया।
इस गोष्ठी में मुख्य रूप से वीरेश्वर सिन्हा, शिवशंकर सिन्हा, संतोष श्रीवास्तव, संजय सेवराई, सुनील दत्त, राजेश श्रीवास्तव,परवेज़ अहमद (सभासद), नन्हे, चंद्रप्रकाश, मोहनलाल, अजय श्रीवास्तव, अरुण सहाय, अनूप श्रीवास्तव, अश्वनी श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, शुभांशु श्रीवास्तव, हिमांशु श्रीवास्तव, प्रियांशु श्रीवास्तव, आर्यन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन जिला सचिव शैल श्रीवास्तव ने किया ।

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Author: Dr. A. K Rai

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