सात मुर्दे ! पहुंचे डीएम कार्यालय, बंद पेंशन को चालू कराने की उठायी मांग

बदायूं, 12 सितम्बर 2019। कब्र की जगह अपने अपने घरों से निकले सात मुर्दे अचानक वुधवार को डीएम दफ्तर में दाखिल हो गये। उनकी कहानी सुनकर प्रशासनिक अमले में झुरझुरी फैल गयी। ग्राम प्रधान व सचिव की जालसाजी के शिकार बने सभी मुर्दे अपनी पेंशन न मिलने से क्षुब्ध थे।
बताते चलें कि गांव के ग्राम पंचायत सचिव ने उन्हें मृत बताकर उनकी पेंशन बंद करा दी। इससे परेशान हो कर कागजातों में मृत सभी जीवित मुर्दों ने प्लान बनाकर जिलाधिकारी से गुहार लगाई। डीएम से मिलकर उन्होंने अपनी पेंशन चालू करने और दोषी सचिव के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की। मामला विकासखंड सलारपुर के गांव हुसैन करौतिया का है। जहां सचिव और प्रधान ने अपने ही गांव के सात वृद्ध लोगों को अभिलेख में मृत दर्शाकर उनकी पेंशन बंद कर दी। पेंशन न मिलने से परेशान होकर जब उन्होंने कार्यालय का रुख किया तो पता चला कि वे तो अभिलेखों में मृतक दर्ज हैं। बताया गया कि प्रधान और सचिव ने हेराफेरी कर पेंशन सत्यापन रजिस्टर में निसार हुसैन, अलाउद्दीन, चंपा, मिराजन, अकीला और अफसर सहित सात लोगों को मृतक बता दिया जबकि वे आज भी जिन्दा हैं।
पीड़ितों की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने सचिव को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी से सचिव का सत्यापन रजिस्टर देखकर कड़ी कारवाई के निर्देश के साथ ही साथ सभी दर्शाए गए सभी मृतकों की पेंशन तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए हैं।

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Author: Dr. A. K Rai

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