मायूसी ! चंन्द्रयान 2 – लैंडर से आर्बिटर का टूटा सम्पर्क

नई दिल्ली,07सितम्बर 2019। नियमित प्रक्रिया के अनुसार चल रहे चंन्द्रयान 2 अभियान को अपने लक्ष्य से कुछ समय पहले ही करारा झटका लग गया। रात करीब 1.43 बजे विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी थी। इसके बाद उसने लैंडिंग का रफ ब्रेकिंग फेज व फाइनल ब्रेकिंग फेज भी सफलता पूर्वक पूरा कर लिया था, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका आर्बिटर से सम्पर्क अचानक टूट गया। चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी पूर्व ही लैंडर विक्रम से आर्बिटर का संपर्क अचानक टूट गया और इसरो को सिग्नल मिलना बंद हो गया। इससे इसरो में मौजूद लोगों के माथे पर बल पड़ गये। इससे चांद की सतह पर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हमारे भारतीय अभियान को झटका लगा है।
इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने कहा कि लैंडर से आर्बिटर का संपर्क टूट गया है। लैंड होने की जगह से 2.1 किमी पहले लैंडर से आर्बिटर का संपर्क टूटा है। हालांकि अभी डेटा का इंतजार है।
टइसके उपरांत इसरो में उपस्थित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसरो चेयरमैन की पीठ थपथपाई और हताश न होने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जीवन में उतर चढ़ाव आते रहते हैं। ये कोई छोटा अचीवमेंट नहीं है, देश आप पर गर्व करता है। फिर से कम्युनिकेशन शुरू हुआ तो अब भी उम्मीद बची है। मेरी तरफ से वैज्ञानिकों को बधाई, आप लोगों ने विज्ञान और मानव जाति की बहुत बड़ी सेवा की है। मैं पूरी तरह आपके साथ हूं हिम्मत के साथ चलें।
इसके उपरांत पीएम मोदी ने वहां मौजूद 60 बच्चों के सवालों का भी जवाब देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। उन्होंने बच्चों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ने की नसीहत दी।

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Author: Dr. A. K Rai

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