मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक 2019 आज से हुआ लागू

नई दिल्ली,01 सितंबर 2019। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से कठोर प्रावधानों वाला मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक 2019 आज से लागू हो गया। इस नये विधेयक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से काफी कठोर प्रावधान रखे गए हैं। किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बैठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है।

इसके अलावा तेज गाड़ी चलाने, बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने और बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना एवं निर्धारित अवधि के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाने के प्रावधान विधेयक में शामिल हैं।किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुए सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जाएगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा।शराब पीकर गाड़ी चलाने पर दो हजार की बजाय 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं हिट एंड रन के मामले में मौत होने पर 2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, जो पहले 25 हजार रुपये था। इसके अतिरिक्त नाबालिग के वाहन चलाते समय हादसा होने पर अभिभावक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और 3 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में जुवेनाइल एक्ट के तहत केस चलेगा।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया, ‘मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 संसद में पारित हो गया है। हमने अधिनियम के 63 उपबंधों को एक सितंबर से लागू करने का फैसला किया है।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा , ” इन 63 उपबंधों में हमने जुर्माना बढ़ाया है। शराब पीकर गाड़ी चलाने , तेज गति से दौड़ने (ओवरस्पीड) और ओवरलोडिंग समेत अन्य मामलों में जुर्माना बढ़ाया गया है।’

यह होगा जुर्माना

– नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर गाड़ी मालिक और नाबालिग के अभिभावक दोनों दोषी माने जाएंगे. इसके अलावा 25 हजार रुपए का जुर्माना और 3 साल की जेल की सजा होगी. इतना ही नहीं जब तक उस नाबालिग की उम्र 25 साल नहीं हो जाती उसे ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिया जाएगा। अभी तक नियम के उल्लंघन पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी।

– एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी वाहन को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा।

– शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा, पहले 2000 रुपये का था जुर्माना। अपराध दोहराने पर 15 हजार रुपये का जुर्माना या दो साल महीने की जेल अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है।

– बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 500 रुपये का जुर्माना या तीन महीने की जेल अथवा दोनों का प्रावधान है। नए विधेयक में पांच हजार रुपये का जुर्माना या तीन महीने की जेल अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। यह गलती दोहराने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना या एक साल की जेल अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है।

– हिट एंड रन मामलों में पीड़ित परिवारों को 2 लाख तक की मदद सरकार देगी, अभी यह रकम 25 हजार रुपए है।

– लाइसेंस रद्द होने के बाद भी ड्राइविंग करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना. अभी तक 500 रुपए के जुर्माने का था प्रावधान।

– ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने पर 1000 की जगह अब 5000 रुपए का जुर्माना देना होगा।

– बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने पर 1000 की जगह 2000 रुपए का जुर्माना।

– सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 300 की बजाए 1000 रुपए का देना होगा जुर्माना।

– दोपहिया वाहन पर ट्रिपल लोडिंग के मामले में 1000 रुपए का जुर्माना. पहले था 100 रुपये का जुर्माना।

– हेल्मेट नहीं पहनने पर 200 की बजाए 1000 रुपए का देना होगा जुर्माना. 3 महीने के लिए हो सकता है लाइसेंस निलंबन।

– ओवर स्पीड करने पर 400 की जगह 1000 से 2000 रुपए तक का होगा जुर्माना।

– खतरनाक ड्राइविंग करने पर 1000 की जगह 5000 रुपए का जुर्माना देना होगा।

– बिना परमिट वाहन पर 5000 की जगह 10 हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा।

– ओवरलोडिंग पर 2000 रुपए और तय सीमा से अधिक वजन पर 2000 रुपए प्रति टन की दर से जुर्माना देना होगा. अभी तक 2000 रुपए और अधिक वजन पर 1000 रुपए प्रति टन का जुर्माना लगता था।

अब चालान सिर्फ E कोर्ट के होंगे. अगर कोई पकड़ा जाता है तो उनको कैश नही देने होंगेनई दिल्ली: एक सितंबर से देश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से कठोर प्रावधानों वाले र्नहो जाएगा. विधेयक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से काफी कठोर प्रावधान रखे गए हैं. किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बैठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसमें एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है।

इसके अलावा तेज गाड़ी चलाने, बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने और बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना एवं निर्धारित अवधि के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाने के प्रावधान विधेयक में शामिल हैं।

किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुए सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जाएगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर दो हजार की बजाय 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा. वहीं हिट एंड रन के मामले में मौत होने पर 2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, जो पहले 25 हजार रुपये था।

इसके अलावा नाबालिग के वाहन चलाते समय हादसा होने पर अभिभावक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और 3 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में जुवेनाइल एक्ट के तहत केस चलेगा।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया, ‘मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 संसद में पारित हो गया है। हमने अधिनियम के 63 उपबंधों को एक सितंबर से लागू करने का फैसला किया है.’ केंद्रीय मंत्री ने कहा , ” इन 63 उपबंधों में हमने जुर्माना बढ़ाया है।शराब पीकर गाड़ी चलाने , तेज गति से दौड़ने (ओवरस्पीड) और ओवरलोडिंग समेत अन्य मामलों में जुर्माना बढ़ाया गया है। ’

यह होगा जुर्माना

– नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर गाड़ी मालिक और नाबालिग के अभिभावक दोनों दोषी माने जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपए का जुर्माना और 3 साल की जेल की सजा होगी। इतना ही नहीं जब तक उस नाबालिग की उम्र 25 साल नहीं हो जाती उसे ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिया जाएगा। अभी तक नियम के उल्लंघन पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी।

– एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी वाहन को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा. अभी तक ऐसा नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान नहीं था।

– शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा, पहले 2000 रुपये का था जुर्माना। अपराध दोहराने पर 15 हजार रुपये का जुर्माना या दो साल महीने की जेल अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है।

– बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 500 रुपये का जुर्माना या तीन महीने की जेल अथवा दोनों का प्रावधान है। नए विधेयक में पांच हजार रुपये का जुर्माना या तीन महीने की जेल अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। यह गलती दोहराने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना या एक साल की जेल अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है।

– हिट एंड रन मामलों में पीड़ित परिवारों को 2 लाख तक की मदद सरकार देगी, अभी यह रकम 25 हजार रुपए है।

– लाइसेंस रद्द होने के बाद भी ड्राइविंग करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना।अभी तक 500 रुपए के जुर्माने का था प्रावधान।

– ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने पर 1000 की जगह अब 5000 रुपए का जुर्माना देना होगा।

– बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने पर 1000 की जगह 2000 रुपए का जुर्माना।

– सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 300 की बजाए 1000 रुपए का देना होगा जुर्माना।

– दोपहिया वाहन पर ट्रिपल लोडिंग के मामले में 1000 रुपए का जुर्माना. पहले था 100 रुपये का जुर्माना।

– हेल्मेट नहीं पहनने पर 200 की बजाए 1000 रुपए का देना होगा जुर्माना. 3 महीने के लिए हो सकता है लाइसेंस निलंबन।

– ओवर स्पीड करने पर 400 की जगह 1000 से 2000 रुपए तक का होगा जुर्माना।

– खतरनाक ड्राइविंग करने पर 1000 की जगह 5000 रुपए का जुर्माना देना होगा।

– बिना परमिट वाहन पर 5000 की जगह 10 हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा।

– ओवरलोडिंग पर 2000 रुपए और तय सीमा से अधिक वजन पर 2000 रुपए प्रति टन की दर से जुर्माना देना होगा। अभी तक 2000 रुपए और अधिक वजन पर 1000 रुपए प्रति टन का जुर्माना लगता था।

अब चालान सिर्फ ई कोर्ट के होंगे। अगर कोई पकड़ा जाता है तो उनको कैश नही देने होंगे।

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Author: Dr. A. K Rai

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