नाग पंचमी! आज विधि विधान से करें पूजन

वाराणसी, 05अगस्त 2019। भारतीय संस्कृति के सनातन धर्म में द्वादश माह के विशेष तिथियों की खास महिमा है। श्रावण मास का विशेष पर्व नागपंचमी श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विधि विधान पूर्वक मनाने की परंपरा है, अर्थात श्रावणमास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि नाग पंचमी के नाम से जानी जाती है। सनातन धर्म में नाग देवता का विशेष महत्व बताया गया है।शेषनाथ, सतयुग में रामचंद्र के साथ लक्ष्मण तो श्री कृष्ण के साथ बलदेव के रूप में सदैव साथ रहे हैं तो वही भगवान विष्णु की शैया भी नाग देवता से ही निर्मित होती है। इसलिए नाग देवता का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखा गया है।
इस दिन देवों के देव महादेव के साथ नाग पूजा का विशेष महत्व होता है। सवा सौ वर्षों बाद आज नाग पंचमी पर दुलर्भ संयोग बना है। इस शुभ मुहूर्त में करें महादेव और नागदेवता की पूजा करनी चाहिए। आज सोमवार के दिन नागपंचमी के साथ इस दिन यायीजयद योग के साथ हस्त नक्षत्र है। इसलिए इस पर्व का फल दोगुना मिलेगा। बताया गया है कि पंचमी पर रुद्राभिषेक का अत्यंत महत्व है।
आज नाग पंचमी का मुहूर्त सुबह 5:49 से 8:28 के बीच है। जबकि पंचमी तिथि आज अपरांह 3:54 तक रहेगी।
महादेव का दूध से रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। गन्ने के रस से अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। घी से अभिषेक करने से रोग दूर होते हैं। दही से अभिषेक करने से पशु स्वस्थ रहते हैं।
नाग पंचमी पर नागों की पूजा करने से दैहिक, दैविक और भौतिक पापों मुक्ति मिलती है, जिनकी जन्मपत्री में कालसर्प दोष है, उसका निवारण करने के लिए यह समय अति उत्तम है। कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए कालसर्प दोष का निवारण करना चाहिए।

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Author: Dr. A. K Rai

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