मिशन चन्द्रयान-2 ! उड़ा गगन की ओर

नई दिल्ली,22 जुलाई 2019। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान द्वारा 3,877 किलोग्राम भारी चंद्रयान-2 को आज दोपहर 2.43 बजे ‘बाहुबली’ नामक चर्चित जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट से लॉन्च किया गया है।पृथ्वी और चन्द्रमा के मध्य की 384000 कि.मी.की दूरी को यह 48वें दिन पूर्ण कर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा अर्थात चंद्रयान-2 चांद पर 7 सितंबर को ही पहुंचेगा। इसे ‘बाहुबली’ नाम से चर्चित जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट से लॉन्च किया गया है।
इससे पूर्व इसरो ने गत गुरुवार को ट्वीट किया था कि चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई की रात 2.51 बजे होनी थी, जो तकनीकी खराबी के कारण टाल दी गई थी। इसरो के एसोसिएट डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन) बीआर गुरुप्रसाद ने बताया था कि लॉन्चिंग से ठीक पहले लॉन्चिंग व्हीकल सिस्टम में खराबी आ गई थी। इसरो ने एक सप्ताह के भीतर सभी तकनीकी खामियों को ठीक कर लिया है।
चंद्रयान-2 को सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया गया है। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं। इस लक्ष्य के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारेगा। लैंडर के अंदर मौजूद रोवर की रफ्तार 1 सेमी प्रति सेकंड रहेगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।
चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद ऑर्बिटर एक वर्ष तक काम करेगा। आर्विटर का कार्य पृथ्वी और लैंडर के बीच कम्युनिकेशन करना है। ऑर्बिटर चांद की सतह का नक्शा तैयार करेगा, ताकि चांद के अस्तित्व और विकास का पता लगाया जा सके। वहीं, लैंडर और रोवर चांद पर एक दिन (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) काम करेंगे। लैंडर यह जांचेगा कि चांद पर भूकंप आते हैं या नहीं। जबकि, रोवर चांद की सतह पर खनिज तत्वों की मौजूदगी का पता लगाएगा।
देशवासियों के लिए आज का दिन गर्व का दिन रहा। इसरो की इस कामयाबी पर इसरो प्रमुख डा.के.शिवन सबको बधाई दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित तमाम नेताओं ने ने इस कामयाबी पर वैज्ञानिकों को बधाई दी।

मीडिया कवर परिवार इस अविस्मरणीय अवसर पर इस मिशन में लगे देश के सभी वैज्ञानिकों व देशवासियों को हार्दिक बधाई 🙏🙏🙏🙏🙏

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Author: Dr. A. K Rai

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