“मैं जिंदा हूं”! अभिलेखों में मृत दर्शायी गयी वृद्धा ने बंद पड़ी पेंशन के लिए लगायी गुहार

गाजीपुर, 17 जुलाई 2019। किस्मत के खेल निराले मेरे भैया……। जी हां यह कहावत सटीक बैठती है जिले के मरदह विकास खंड के बौरी गांव निवासी वृद्धा महाराजी देवी पर।
बताया गया कि बौरी गांव निवासी महाराजी देवी के पति राजदेव की मृत्यु लगभग एक दशक पूर्व हो गई थी जिसके बाद से उन्हें विधवा पेंशन दी जाती रही। न जाने किस खुन्नस के चलते विभागीय अधिकारियों ने उन्हें 2017 में ही मृत घोषित कर उनकी पेंशन रोक दी। इसकी जानकारी होने पर महराजी देवी अपने जीवित होने के लिए अपने ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, खंड विकास कार्यालय एवं जिला मुख्यालय तक गुहार लगाया, परन्तु उन्हें अभिलेखों में जीवित करने की जहमत किसी ने नहीं उठायी।
आज थक हारकर उन्होंने यह बात समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रज भूषण दुबे को बताकर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद आज यह वृद्धा “मैं जिंदा हूं” की तख्ती अपने गले में लगाए सामाजिक कार्यकर्ताओं संग खंड विकास अधिकारी मरदह कार्यालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। स्थिति की गम्भीरता को देख खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय बैठक छोड़ वहां पहुंचे और स्थिति की पूरी जानकारी ली। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ब्रज भूषण दूबे ने सारी जानकारी देते हुए महाराजी देवी को सरकारी अभिलेख में जिंदा करते हुए दोषियों पर अपराध दर्ज कराते हुए उनके विरुद्ध निलंबन और विभागीय कार्यवाही की मांग की। खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय ने सारे अभिलेख मंगा कर इसकी पुष्टि करते हुए इसकी जांच एडीओ समाज कल्याण को सौंपते हुए एक सप्ताह के अंदर पेंशन चालू कराने एवं दोषियों पर कार्यवाही का लिखित आश्वासन दिया। उक्त अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य केसरी मिश्रा,गुल्लू सिंह यादव, झारखंडे यादव,कृष्णानंद पांडेय, वंशराज यादव, अधिवक्ता हिमांशु प्रकाश दुबे, सत्या यादव और ओम मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे।

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Author: Dr. A. K Rai

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