गुरु पूर्णिमा ! गुरु का स्थान परमेश्वर से भी ऊंचा

गाजीपुर,15 जुलाई 2019। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ हथियाराम मठ में जगतजननी मां जगदम्बा की प्रतिरुप बुढ़िया माई के दर्शनोपरांत मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज के चरणकमलों के वंदन का सौभाग्य उपस्थित भक्तों को प्राप्त हुआ। हजारों श्रद्धालु महिला व पुरुष भक्तों के बीच पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज ने मंच पर अपने गुरु ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी बालकृष्ण यति जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजन अर्चन कर आशिर्वाद लिया। इसके बाद वहां उपस्थित भक्तों ने पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज का पूजन अर्चन कर आशिर्वाद लिया।अपने आशिर्वचन में महाराज श्री ने कहा कि शास्त्रों में गु का अर्थ अंधकार या अज्ञान बताया गया है और रु का अर्थ निरोधक बताया गया है। अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को ‘गुरु’ कहा जाता है। जीवन में शिष्य के गुरुमिलन से ही ज्ञान की प्राप्ति होती हैै। लोगों को संबोधित करते हुए महाराजश्री ने कहाकि “अज्ञान तिमिरांधश्च ज्ञानांजन शलाकया, चक्षुन्मीलितम तस्मै श्री गुरुवै नमः” अर्थात देवता में समानता के लिए एक श्लोक में कहा गया है कि जैसी भक्ति की आवश्यकता देवता के लिए है वैसी ही गुरु के लिए भी होनी चाहिए क्योंकि सद्गुरु की कृपा से ही ईश्वर का साक्षात्कार संभव है। गुरु की कृपा के अभाव में कुछ भी संभव नहीं है। कहा कि जैसे श्रीकृष्ण-अर्जुन, श्री रामकृष्ण परमहंस- स्वामी विवेकानंद, समर्थ रामदासस्वामी-शिवाजी महाराज ऐसी गुरु-शिष्य परंपरा ही हमारे देश की विशेषता है। आध्यात्मिक गुरु हमें अपनी वास्तविक पहचान कराते हैं। आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सिद्धपीठ हथियाराम मठ से जुड़े श्रद्धालु जनों का हुजूम गुरु पूजन के लिए मठ परिसर में उमड़ा। भक्तजनों में प्रसाद वितरण व भंडारे के साथ ही आयोजन सम्पन्न हुआ।


इसी क्रम में भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ पर भी भक्तजनों ने गुरु पूजन कर आशिर्वाद लिया। भक्तजनों ने व्रह्मलीन महन्त की समाधियों पर भी मत्था टेका और आशिर्वाद लिया।

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Author: Dr. A. K Rai

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