चन्द्र ग्रहण से बढ़ा गुरु पूर्णिमा का महत्व – स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज

गाजीपुर, 15 जुलाई 2019। इस वर्ष कल गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर लगने वाला चंद्र ग्रहण महत्वपूर्ण होगा। इस संबंध में प्रसिद्ध सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज ने कहा कि यह चंद्र ग्रहण 16-17 जुलाई 2019 को है, यह देश में दर्शनीय होगा। इसका समय 16 जुलाई की रात 01:31 से सुबह 04:31 तक रहेगा। गुरु पूर्णिमा पर लगातार दूसरे वर्ष चंद्र ग्रहण लग रहा है। इससे पहले 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर ही खग्रास चंद्र ग्रहण लगा था।
महाराजश्री ने कहा कि ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक काल आरम्भ हो जाता है, इसलिए गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजा कार्यक्रम सूतक लगने से पूर्व ही होंगे। मध्य रात्रि को घटित होने वाला यह चंद्रग्रहण पूर्ण चंद्रग्रहण है तथा 21वीं सदी का सबसे देर तक चलने वाला चंद्रग्रहण है जो चार घंटे तक रहेगा।
बताते चलें कि सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर गुरु पूर्णिमा का पर्व कल ससमारोह मनाया जाएगा। सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर व जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज ने बताया कि इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के दिन ही शाम से चंद्र ग्रहण का सूतककाल आरम्भ हो जायेगा। इसलिए चंद्र ग्रहण के सूतककाल आरम्भ होने के पूर्व सायं चार बजे से पूर्व ही सभी पूजन, प्रसाद वितरण व भंडारा कार्य संपन्न हो जायेंगे।
श्री यति जी महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का पर्व सिद्धपीठ पर परंपरानुसार 16 जुलाई मंगलवार को हजारों शिष्य श्रद्धालुओं के मध्य गुरु पूजा करके मनाई जाएगी। इस अवसर पर श्री यति जी द्वारा अपने गुरु जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर सिद्धपीठ के 25 वें पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन स्वामी बालकृष्ण यति जी महाराज की पूजा कर आशीर्वाद लिया जाएगा। साथ ही सिद्धपीठ के सभी ब्रह्मलीन गुरुजनों की समाधि स्थल पर पूजन अर्चन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिद्धपीठ पर गुरु पूजन का कार्य प्रातः 9:00 बजे प्रारंभ होकर पूजन के साथ 12:00 बजे तक प्रसाद वितरण कार्य के पश्चात महाभंडारे का आयोजन किया गया है। उपरोक्त सभी कार्य संपन्न करते हुए शाम 4:00 बजे भगवान की आरती पूजन के साथ मंदिर के कपाट अगले दिन सुबह चार बजे तक के लिए बंद रहेंगे।

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Author: Dr. A. K Rai

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