बाबा विश्वनाथ का पूजन अर्चन कर काशीवासियों से मुखातिब हुए प्रधानमंत्री

वाराणसी(उत्तर प्रदेश),27 मई 2019। लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद जिले के सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशीवासियों का आभार जताने के लिए आज 9.45 बजे वाराणसी पहुंचे। चुनाव जीतने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री वायुसेना के विमान से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे।इसके उपरांत प्रधानमंत्री पुलिस लाइन से चौकाघाट, तेलियाबाग, लहुराबीर, मैदागिन, बांसफाटक होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचें। इस दौरान वह कार से ही लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे।काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे विधि-विधान से भगवान शिव का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दरम्यान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
इसके बाद प्रधानमंत्री लोगों से मिलने हेतु पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल बड़ा लालपुर में जा पहुंचे। वहां उन्होंने बेहतर काम करने वाले प्रदेश से लेकर जिले तक के कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए सांसद निर्वाचित होने पर क्षेत्र की जनता व कार्यकर्ताओं का आभार जताया।उन्होंने कहा कि यह हिन्दुस्तान के लोकतंत्र की एक बड़ी उपलब्धि है कि यहाँ के लोगों ने चुनाव को जीत-हार के लिए नहीं बल्कि लोक पर्व की तरह समझा, लोक शिक्षा का माध्यम समझा। इस चुनाव की सभी कसौटियों पर आप डिस्टिंक्शन मार्क्स के साथ पास हुए हैं, इसलिए आप सभी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने काशी की जनता के द्वारा किए गये विश्वास पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आपके परिश्रम और विश्वास के चलते ही मैं मतदान और नतीजे के समय पूरी तरह निश्चिंत था और बेफिक्र होकर केदारनाथ में बाबा के चरणों में बैठ गया था।उन्होंने कई राज्यों में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर कहा कि राजनीतिक विचारधारा के कारण हमारे देश में राजनीतिक छुआछूत बढ़ती जा रही है। भाजपा का नाम लेते ही कई क्षेत्रों में अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है। उन्हाेंने कहा कि ‘हम लोकत्रंत में विश्वास रखने वाले लोग हैं। जहां-जहां हमें मौका मिला है, वहां विपक्ष की आवाज को महत्व दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम दो बातों को लेकर चलने का प्रयास करते हैं -पहला – भारत की महान विरासत और दूसरा आधुनिक विजन। इन दोनों के साथ हमें वर्तमान स्थिति का भी ध्यान रखते हुए अपने कल्चर को भी बरकरार रखना है।

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Author: Dr. A. K Rai

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